पूर्व डीआईजी भुल्लर को सुप्रीम कोर्ट से झटका, जमानत पर सुनवाई से इनकार
चंडीगढ़: पंजाब पुलिस के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। हालांकि अदालत ने यह छूट दी है कि यदि दो महीने के भीतर ट्रायल शुरू नहीं होता है, तो वे दोबारा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।

क्या है मामला
यह पूरा मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज किया गया है।
- 29 अक्टूबर को भुल्लर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (DA केस) दर्ज किया गया
- 5 नवंबर को उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया
- उस समय वे पहले से ही एक अन्य रिश्वत मामले में न्यायिक हिरासत में थे
रिश्वत का आरोप
CBI के मुताबिक, रोपड़ रेंज में डीआईजी रहते हुए भुल्लर ने एक निजी व्यक्ति के जरिए रिश्वत मांगी थी।
- आरोप है कि एफआईआर में राहत देने और कारोबारी कार्रवाई रोकने के बदले रिश्वत मांगी गई
- 16 अक्टूबर को चंडीगढ़ में ट्रैप के दौरान एक बिचौलिया 5 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार हुआ
- इसके बाद भुल्लर को भी हिरासत में लिया गया
कोर्ट में अब तक क्या हुआ
- जनवरी में CBI कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की
- इसके बाद हाईकोर्ट ने भी राहत नहीं दी
- अब सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने की, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली शामिल थे।
दलीलें
भुल्लर की ओर से (मुकुल रोहतगी):
- चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं
- फरार होने का कोई खतरा नहीं
- 30 वर्षों का बेदाग सेवा रिकॉर्ड
CBI का पक्ष:
- रिकॉर्डेड बातचीत, व्हाट्सएप डेटा और कॉल डिटेल्स मौजूद
- रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया साबित
निष्कर्ष
पूर्व डीआईजी भुल्लर को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है और उन्हें जेल में ही रहना होगा। हालांकि, यदि तय समय में ट्रायल शुरू नहीं होता है, तो उनके पास दोबारा जमानत के लिए अदालत जाने का विकल्प खुला रहेगा।


